राज्य

MP News: उज्जैन में ढाई साल का मासूम बोरवेल में गिरा, 60 फीट पर अटका, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के एक गांव में 3 साल के मासूम के बोरवेल में गिरने का मामला सामने आया है. यह घटना बडनगर तहसील के झालरिया गांव की है, जहां बृहस्पतिवार (9 अप्रैल) की शाम ढाई वर्ष का एक बच्चा खेलते-खेलते एक बोरवेल में गिर गया. बच्चे के गिरते ही गांव में हड़कंप मच गया और तेजी से बचाव अभियान शुरू किया गया. बच्चे पर कैमेरे से नजर रखी जा रही है और पाइप से ऑक्सीजन पहुंचाया जा रहा है.

पुलिस के मुताबिक यह हादसा उज्जैन से करीब 75 किमी दूर बड़नगर तहसील के झलारिया गांव में हुआ. अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (SDOP) महेन्द्र सिंह परमार ने बताया कि घटना की सूचना शाम 7-7.30 बजे के बीच मिली और तत्काल पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई. उन्होंने कहा कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) टीम और अन्य संबंधित टीम भी घटना स्थल पर पहुंच गयी हैं. परमार ने बताया कि बच्चा बोरवेल में करीब 60 फीट की गहराई पर फंस गया है उसके आगे बोरवेल संकरा है तथा नीचे पानी है.

तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

उन्होंने कहा, “बच्चे के लिए बोरवेल में आक्सीजन के लिए पाइप की नली डाल दी गई है. कैमरे से उसकी हलचलपर नजर रखी जा रही है.” स्थानिय अधिकािरियों के अनुसार गांव से करीब एक किलोमीटर दूर जंगल मे भेड़ के साथ सभी चरवाहे ठहरे हुए थे. सूचना मिलने पर जिलाधिकारी रोशन कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे हैं. सिंह ने बताया कि घटना स्थल पर एसडीआरएफ की टीम पहुंच चुकी है और उन्होंने बचाव अभियान शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि घटना स्थल पर जेसीबी एवं पोकलेन मशीन भी मौजूद है. हादसे की जानकारी लगने पर मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी अशोक पाटीदार ने भी कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन तेज गति से चल रहा है.

उन्होंने बताया की बच्चे को नली के सहारे आक्सीजन पहुंचाई जा रही है. उन्होंने बताया कि बच्चे की पहचान भेड़ चराने वाले प्रवीण देवासी के ढाई वर्षीय पुत्र भागीरथ के रूप में हुई है. उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार शाम को परिवार अपने काम में लगा था और बच्चा खेत में खेल रहा था. उन्होंने कहा कि पास ही कुछ दूरी पर उसके पिता एवं परिवारजन भेड़ों की देख-रेख कर रहे थे.  इसी दौरान बच्चा बोरवेल में जा गिरा. उन्होंने बताया कि प्रवीण देवासी राजस्थान के पाली जिले के गुडानला से तीन दिन पूर्व ही यहां भेड़ चराने परिवार के साथ आए थे.

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *