मध्यप्रदेश

प्रदेश में 10 से 25 अप्रैल तक मनेगा नारी शक्ति वंदन का उत्सव

भोपाल. 
राज्य शासन द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए आगामी 10 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 तक प्रदेशव्यापी “नारी शक्ति वंदन” पखवाड़ा मनाने का निर्णय लिया गया है। इस पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के प्रावधानों से आम जनता को अवगत कराना और महिला नेतृत्व का उत्सव मनाना है। राज्य शासन द्वारा जन-उत्सव के रूप में आयोजित करने के निर्देश जारी किए हैं।

संभागों में बड़े सम्मेलन
अभियान का शंखनाद राजधानी भोपाल के रविन्द्र भवन स्थित हंसध्वनि सभागार में होगा, जहाँ प्रबुद्धजनों का एक राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश के सभी संभाग मुख्यालयों और छिंदवाड़ा, खरगोन एवं मंदसौर जिला मुख्यालयों पर भव्य “नारी शक्ति वंदन” सम्मेलन आयोजित होंगे। इन कार्यक्रमों में महिला सांसदों, विधायकों, महापौर और पंचायत प्रतिनिधियों सहित सफल महिला उद्यमियों को सम्मानित कर उनके अनुभवों को साझा किया जाएगा।

पदयात्रा और युवा शक्ति का जुड़ाव
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रत्येक लोकसभा और विधानसभा क्षेत्र में “नारी शक्ति पदयात्रा” निकाली जाएगी, जिसमें समाज की प्रबुद्ध महिलाएँ सहभागिता करेंगी। युवाओं को इस अभियान से जोड़ने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा विशेष ‘नारी शक्ति वंदन दीवार’ (Wall of Message) तैयार की जाएगी, जहाँ युवा पीढ़ी पेंटिंग और संदेशों के माध्यम से नारी शक्ति के प्रति अपने विचार व्यक्त करेगी।

अंबेडकर जयंती पर ‘विशेष ग्राम सभा’
पखवाड़े का एक महत्वपूर्ण पड़ाव 14 अप्रैल डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती होगा। इस दिन प्रदेश की समस्त ग्राम पंचायतों में “विशेष ग्राम सभाएं” आयोजित की जाएंगी। बाबा साहेब के चित्र पर पुष्पांजलि के साथ नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। साथ ही त्रि-स्तरीय पंचायतों, नगरीय निकायों और शैक्षणिक संस्थानों में गोष्ठियाँ व सेमिनार आयोजित होंगे।

डिजिटल और सामाजिक संगठनों की भागीदारी
जनसंपर्क विभाग द्वारा इस पूरे अभियान को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ले जाया जाएगा। “नारी शक्ति वंदन” के प्रेरक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाएंगे। वहीं, जिला कलेक्टर्स के माध्यम से महिला स्व-सहायता समूहों, ‘लखपति दीदी’ और ‘लाड़ली बहना’ को इस अभियान का मुख्य चेहरा बनाया जाएगा। औद्योगिक, व्यापारिक और सहकारी संगठनों में भी व्याख्यान आयोजित कर महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक भागीदारी पर जोर दिया जाएगा।

शिक्षा संस्थानों में गूँजेगा विषय
उच्च शिक्षा और स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और स्कूलों में व्याख्यान और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिससे भावी पीढ़ी महिला सशक्तिकरण के कानूनी और सामाजिक पहलुओं को समझ सके। राज्य शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी स्तरों पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में जन-प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाकर इस पखवाड़े को लोक उत्सव के रूप में मनाया जाये।

 

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