मध्यप्रदेश

जल गंगा संवर्धन अभियान-2026: प्रदेश में जल संरक्षण को मिल रही नई गति

जल गंगा संवर्धन अभियान-2026: प्रदेश में जल संरक्षण को मिल रही नई गति

अभियान में 6242 करोड़ रुपये की लागत से कराए जा रहे 2 लाख 44 हजार से अधिक कार्य

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में पानी की प्रत्येक बूंद को सहेजने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रदेश में बड़ी संख्या में खेत तालाब, अमृत सरोवर, रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और सूखे कुँओं को नया जीवन देने का कार्य किया जा रहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल द्वारा समूचे अभियान की निरंतर निगरानी रखी जा रही है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा अभियान के तहत पूरे प्रदेश में जल संरक्षण के 2 लाख 44 हजार से अधिक कार्य किए जा रहे हैं, जिसकी लागत 6242 करोड़ रुपये हैं। इस वर्ष के जल गंगा संवर्धन अभियान में पूर्व के कार्य की पूर्णता पर विशेष जोर दिया गया है। मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद के आयुक्त अवि प्रसाद ने बताया कि इस साल जल गंगा संवर्धन अभियान: 2025 के लंबित कार्यों तथा महात्मा गांधी नरेगा योजना अंतर्गत चल रहे पानी से संबंधित कार्यों की पूर्णता लक्षित की गई है।

लक्ष्य के अनुक्रम में 84 हजार से अधिक कार्य पूरे

प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान: 2026 की प्रगति भी दिखाई देने लगी है। 19 मार्च से शुरू हुए अभियान के तीसरे चरण को महज 20 दिन ही पूरे हुए और 84 हजार से अधिक कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। ये वे कार्य हैं जो पिछले वर्ष अधूरे रह गए थे।

जल गंगा संवर्धन अभियान में टॉप 5 जिले

जल गंगा संवर्धन अभियान में खंडवा, उज्जैन, खरगोन, डिंडौरी और बालाघाट टॉप 5 जिलों में शामिल हैं।

 

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