हिमाचल प्रदेश के इकलौते मातृ-शिशु कमला नेहरू अस्पताल (KNH) को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) में शिफ्ट करने के फैसले पर राजधानी शिमला में भारी बवाल शुरू हो गया है. सुक्खू सरकार के इस कदम के खिलाफ अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति और विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मोर्चा खोल दिया है.
महिला समिति ने अस्पताल के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन करते हुए राज्य सरकार को ‘महिला विरोधी’ करार दिया और फैसले को वापस न लेने पर आर-पार की लड़ाई की चेतावनी दी है.
‘सुक्खू सरकार कर रही स्वतंत्रता सेनानी का अपमान’
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की राज्य सचिव फालमा चौहान ने प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि यह अस्पताल 102 साल पुराना है और स्वतंत्रता सेनानी कमला नेहरू के नाम पर है. इसे शिफ्ट करना सीधा स्वतंत्रता सेनानी का अपमान है.
फालमा चौहान ने कहा, “वर्तमान में KNH में गर्भवती महिलाओं को एक ही छत के नीचे सारी चिकित्सा सुविधाएं मिल रही हैं. इसे IGMC शिफ्ट करने से महिलाओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा. सरकार दरअसल इस मातृ-शिशु अस्पताल को खत्म करके यहां ‘MLA हॉस्टल’ बनाना चाहती है, जो प्रदेश की महिलाओं के साथ घोर अन्याय है. हम किसी भी कीमत पर अस्पताल को शिफ्ट नहीं होने देंगे.”
‘इलाज हुआ महंगा, जनता के साथ हो रहा खिलवाड़’
जनवादी महिला समिति के साथ-साथ बीजेपी ने भी इस फैसले का कड़ा विरोध किया है. बीजेपी शिमला के जिला अध्यक्ष केशव चौहान ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अस्पताल शिफ्ट करने के नाम पर जनता और विशेषकर महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही है.
उन्होंने बताया कि सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के दाम भी बढ़ा दिए हैं. चौहान ने कहा, “KNH में जो मेडिकल टेस्ट पहले 30 रुपए में होता था, वह अब 100 रुपए का कर दिया गया है. स्पेशल वार्ड्स का किराया 1000 रुपए से बढ़ाकर 1500 और 2000 रुपए कर दिया गया है. अगर सुक्खू सरकार ने KNH को शिफ्ट करने का अपना यह जनविरोधी फैसला तुरंत वापस नहीं लिया, तो बीजेपी इसके खिलाफ सड़कों पर उतरकर एक बड़ा और उग्र आंदोलन करेगी.”
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